घुटना कूल्हे और टख़ने के बीच होता है और दोनों से प्रभावित होता है। यही एक कारण है कि घुटने का दर्द हमेशा अकेले घुटने की समस्या नहीं होता।
जाँच में क्या देखा जाता है
घुटने की फिजियोथेरेपी जाँच में आमतौर पर देखा जाता है:
- दर्द कब शुरू हुआ और उस समय आप क्या कर रहे थे
- कौन-सी गतिविधियाँ इसे बढ़ाती या घटाती हैं
- घुटने की गति-सीमा और जोड़ का व्यवहार
- कूल्हे, जाँघ और पिंडली के आसपास की ताक़त
- आप कैसे चलते हैं, बैठते हैं और सीढ़ी चढ़ते हैं
योजना हर व्यक्ति में अलग क्यों होती है
एक ही जगह दर्द वाले दो लोगों को अलग-अलग कार्यक्रम की ज़रूरत हो सकती है, क्योंकि कारण अलग होते हैं। इसीलिए उपचार केवल लक्षण देखकर नहीं, जाँच के बाद तय किया जाता है।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी सामान्य शैक्षिक उद्देश्य के लिए है और यह पेशेवर चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। उपचार की व्यक्तिगत सिफ़ारिशें क्लिनिकल जाँच पर निर्भर करती हैं। यदि आप चिकित्सकीय आपात स्थिति में हैं, तो उपयुक्त आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
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